गड्डी तारों को टिकट नहीं बेचती। पर्यटन बोर्ड। परियोजना: एस्ट्रो विलेज डेवलपमेंट। जनजातीय पर्यटन के भीतर। क्रियान्वयन मई 2026 से प्रारंभ—शीट का शब्द। उद्देश्य: डार्क स्काई क्षेत्रों को आकर्षण बनाना।

छह जिले, छह गाँव। धार ज्ञानपुरा। छिंदवाड़ा धुसावानी। बैतूल बांचा। नर्मदापुरम ढ़ाबा। दमोह रिछकुड़ी। उमरिया रंछा। अधोसंरचना “विकास किया जा रहा है”।

जो दूरबीन अभी सूची में है

आधुनिक टेलिस्कोप, दूरबीन, एस्ट्रो-फोटोग्राफी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। स्टार गेजिंग प्लेटफॉर्म और ऑब्जर्वेशन एरिया। इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण। डॉ. इलैयाराजा टी. स्थानीय लोगों की सीधी भागीदारी लिखते हैं।

स्थानीय युवा 90 दिवसीय सघन प्रशिक्षण के बाद एस्ट्रो गाइड के रूप में तैयार किए जाएंगे। फड़ इसे खुली रात की गिनती नहीं लिखती। चित्र विज्ञप्ति का फ्रेम है।

मुख्य बातें

  • मई 2026 से काम शुरू की पंक्ति है, खुले वेधशाला की गिनती नहीं।
  • छह गाँव नाम से लिखे हैं, प्रत्येक जिले से एक।
  • 90 दिन का गाइड प्रशिक्षण भविष्य है।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · तारों की छांव में निखरेगा मध्यप्रदेश का पर्यटन ↗10 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।

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