संक्षेप

शॉर्ट्स

प्रदेश01 / 04
एस्ट्रो विलेज परियोजना से जुड़ा विज्ञप्ति चित्र

ज्ञानपुरा से रंछा तक डार्क स्काई

10 सितंबर 2026, 19:07। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड, जनजातीय पर्यटन परियोजना के भीतर ‘एस्ट्रो विलेज डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’। क्रियान्वयन मई 2026 से “प्रारंभ”। प्रथम चरण: धार ज्ञानपुरा, छिंदवाड़ा धुसावानी, बैतूल बांचा, नर्मदापुरम ढ़ाबा, दमोह रिछकुड़ी, उमरिया रंछा। प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी.: प्रकाश प्रदूषण से दूर रात्रि आकाश; स्थानीय भागीदारी। टेलिस्कोप, स्टार गेजिंग प्लेटफॉर्म, इंटरप्रिटेशन सेंटर “विकसित किए जा रहे / उपलब्ध कराए जाएंगे”। स्थानीय युवाओं को 90 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद एस्ट्रो गाइड “तैयार किया जाएगा”। चित्र विज्ञप्ति का फ्रेम है, छह गाँव की रात नहीं।

  • मई 2026 से काम शुरू की पंक्ति है, खुले वेधशाला की गिनती नहीं।
  • छह गाँव नाम से लिखे हैं, प्रत्येक जिले से एक।
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प्रदेश02 / 04
भारत की जर्सी पहने मुक्केबाज का आधिकारिक चयन-खबर के साथ प्रकाशित चित्र

जापान प्रशिक्षण दल में माही लामा

निशियो सिटी के प्री-एशियन गेम्स शिविर के लिए चयन। साई के स्वीकृत कार्यक्रम में 9 से 16 सितंबर की अवधि और 22 मुक्केबाजों की सूची है।

  • माही लामा महिला 60 किग्रा वर्ग में चयनित हैं; BFI रोस्टर में उनकी इकाई MP है।
  • साई के स्वीकृत कार्यक्रम में जापान शिविर की अवधि 9–16 सितंबर 2026 है।
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प्रदेश03 / 04
चंबल गणना दल की रवानाई का विज्ञप्ति चित्र

मुरैना–श्योपुर; आँकड़ा उस दिन नहीं

5 फरवरी 2026, 20:40। चंबल घाट दांतरदा। वार्षिक गणना: जलीय जीव; प्रवासी और अप्रवासी पक्षी। हरी झंडी: मुख्य वन संरक्षक ग्वालियर वृत्त; वनमंडलाधिकारी मुरैना। दल में राजस्थान वन विभाग श्री भानु प्रताप सिंह। गिनती: घड़ियाल, मगरमच्छ, अन्य जलीय; स्थानीय-प्रवासी पक्षी। उपस्थित: अधीक्षक राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य श्योपुर श्री संदीप वास्कले; गेम रेंज ऑफिसर सबलगढ़ श्री दीपक शर्मा। चित्र रवानाई का है, गणना-तालिका नहीं।

  • यह हरी झंडी है; घड़ियाल-पक्षियों का योग उस दिन नहीं।
  • राजस्थान स्टाफ सहयोग की पंक्ति है, दो राज्यों का योग नहीं।
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प्रदेश04 / 04
भोपाल में राज्य स्तरीय दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड की बैठक

जिलों में एकल खिड़की बनाने का निर्णय

30 मार्च की भोपाल बैठक में दिव्यांगजनों की समस्याओं के लिए एक जगह समाधान की व्यवस्था बनाने का निर्णय हुआ। सार्वजनिक भवनों के एक्सेस ऑडिट और विशेष टीम का प्रस्ताव भी रखा गया।

  • हर जिले में एकल-खिड़की व्यवस्था स्थापित करने का निर्णय दर्ज हुआ।
  • कानूनी अभिभावकता के प्रमाणपत्र की प्रक्रिया सरल करने का निर्णय भी लिया गया।
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